Kahala yog : काहल योग


काहल योग 

लग्नेश बलवान हो, सुखेश और गुरु परस्पर  केंद्र में हो, सुखेश और कर्मेश एक साथ होकर अपने उच्च,  स्वराशि में हो तो दोनों तरह के काहल नामक योग बनते हैं। इस योग में जन्म लेने वाला जातक तेजस्वी, साहसी, धूर्त, चतुर, बाली और कुछ गांव का अधिपति होता है।

#https://www.youtube.com/@Pt.HNKukretiAstrology

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भारत में पंचाग निर्माण की परंपरा

विवाह: मुहूर्त

"वैदिक एस्ट्रो-डायग्नोस्टिक्स: प्राचीन सूत्रों से आधुनिक NICU (नवजात आईसीयू) प्रबंधन तक"